Saturday, 16 December 2017, 6:55 AM

कहानी

संसार की कोई शक्ति न आपके पुण्य बढ़ा सकती और न ही पाप घटा सकती

Updated on 11 November, 2017, 12:42
भोपाल। आपका भविष्य आपके आचरण और कर्म पर निर्भर है। यदि आपने अच्छे काम किए हैं तो कोई भी आपके पुण्यों की  वृद्धि से नहीं रोक सकता, यदि गलतियां हुईं हैं तो कोई उन्हें माफ नहीं करा पाएगा। किसी की गलती माफ नहीं होती उसे प्रायशिचत्त करना ही पड़ेगा,दंड भोगना... आगे पढ़े

दूसरी आजादी के मुक्तिदाताः जेपी और नानाजी

Updated on 9 October, 2017, 13:54
अक्टूबर का महीना बड़े महत्व का है। पावन,मनभावन और आराधन का। दशहरे से शुरू हुआ, देवप्रबोधिनी तक चलेगा। भगवान मुहूर्त देखकर ही विभूतियों को धरती पर भेजता है। 2 अक्टूबर को गांधीजी,शास्त्रीजी की जयंती थी। 11अक्टूबर को जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख की जयंती है। चारों के बीच ही परस्पर... आगे पढ़े

विषमता का बोझा और कबतक ढोएगी रेल

Updated on 6 October, 2017, 12:11
राज्यपाल या मुख्यमंत्री रेल से चलें आज कोई इसकी कल्पना नहीं कर सकता। इस दर्जे के महापुरुषों की यात्राएं भी खबर बनती हैं। पंद्रह साल पहले एक ऐसी ही घटना खबर बनी। हुआ यह कि अपने प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच पटरी नहीं बैठती थी। वजह राज्यपाल केंद्र... आगे पढ़े

अफवाहों का माध्यम बनता सोशल मीडिया

Updated on 13 August, 2017, 12:05
अनिल कुमार पाण्डेय वर्तमान दौर सूचनाओं के त्वरित प्रवाह का है। सूचनाएं बिजली की चलपता से एक स्थान से अन्यत्र हवाओं में तैरती हुई हमारे माध्यमों के मार्फत सभी तक पहुंच रही हैं। सूचना समर के इस दौर में अफवाहों का तंत्र भी इसके समानांतर गतिशील है। अफवाहें कब सूचनाओं का... आगे पढ़े

किसी को ये लग सकता है कि दुनिया केवल जानवरों के लिए है

Updated on 6 April, 2017, 13:58
हम च्जीवन की लयज् की बातें करते हैं और कई बार अफसोस जताते हैं कि हमारे समय में ये खो चुकी है। जीवन की यही लय पूरे विश्व में कविता के बीज रोपती है। अगर ये लय न होती तो कविता न होती। कविता में अक्सर जीवन की ये लय... आगे पढ़े

थोड़ी सी बुद्धिमानी कर देती है हर समस्या का हल, आप में है ये हुनर

Updated on 20 February, 2017, 9:11
मध्य पूर्वी देश से एक ईरानी शेख व्यापारी महाराज कृष्णदेव राय का अतिथि बन कर आता है। महाराज अपने अतिथि का सत्कार बड़े भव्य तरीके से करते हैं और उसके अच्छे खाने व रहने का प्रबंध करते हैं तथा साथ ही कई अन्य सुविधाएं भी प्रदान करते हैं। एक दिन भोजन... आगे पढ़े

तो एक पतले धागे जितनी है जिंदगी की सच्‍चाई

Updated on 6 July, 2016, 21:45
एक सम्राट अपने वजीर पर नाराज हो गया। और उसने वजीर को आकाश-छूती एक मीनार में कैद कर दिया। वहां से कूद कर भागने का कोई उपाय न था। कूद कर भागता तो प्राण ही खो जाते। लेकिन वजीर जब कैद किया जा रहा था, तब उसने अपनी पत्नी के... आगे पढ़े

शपथ

Updated on 20 May, 2015, 9:05
जिसकी खातिर उसने सपने देखे, कमरे को घर बनाया, उसी ने ऐसा धोखा दिया कि सीने में ज्वालामुखी लिए वह बरसों तक उसकी तलाश में भटकता रहा। उस बेवफा को मार देना चाहता था वह। मगर एक दिन वह सामने आई तो चाह कर भी उसे न मार सका...। नया घर... आगे पढ़े